wikileaks founder जूलियन असांजे को ब्रिटिश पुलिस ने लंदन से किया गिरफ्तार

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wikileaks founder जूलियन असांजे अगस्त 2012 से लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरण लिए हुए थे

नई दिल्ली/ लंदन:LNN: wikileaks founder जूलियन असांजे जो बीते 7 सालों से इक्वाडोर के दूतावास में शरण लिए हुए थे, को लंदन पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया.

wikileaks founder जूलियन असांजे पर 2 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के भी आरोप लगाए थे

यौन उत्पीड़न के केस में स्वीडन में प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए wikileaks founder ने इक्वाडोर के दूतावास में लिए हुए थे.

लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि फिलहाल असांजे को हिरासत में लिया गया है.

उन्हें वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा.

गौरतलब है कि 2006 में असांजे ने wikileaks.org की शुरुआत की ताकि बिना ट्रेस हुए वह इंटरनेट पर संवेदनशील दस्तावेज पोस्ट कर सकें.

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4 साल बाद स्वीडन की दो महिलाओं ने असांजे पर रेप और यौन शोषण के आरोप लगाए.

उनके खिलाफ स्वीडन ने अरेस्ट वारंट जारी कर दिया.

wikileaks founder असांजे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया

2012 में ब्रिटेन द्वारा स्वीडन को प्रत्यपर्ति किए जाने से बचने के लिए, उन्होंने इक्वाडोर के दूतावास से शरण की गुहार लगाई.

स्वीडन ने 2017 में उनके खिलाफ रेप से जुड़े अपराध को हटा लिया था.

इसके बावजूद असांजे दूतावास में ही बने रहे क्योंकि जमानत का मामला खत्म हो जाने की वजह से लंदन में उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटकी रही थी.

बीते साल 12 दिसंबर से उन्हें इक्वाडोर की नागरिकता मिली.

wikileaks founder के प्रत्यर्पण की कोशिश करेगा अमेरिका

गौरतलब है कि असांजे ने 2010 में बड़ी संख्या में सेना से जुड़े अमेरिकी गोपनीय दस्तावेजों को पब्लिश किया.

इसके अलावा असांजे ने अफगानिस्तान और इराक युद्ध से जुड़े दस्तावेजों को भी सार्वजनिक कर दिया.

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इसके बाद अमेरिका में असांजे को बहिष्कृत कर दिया गया.

ऑस्ट्रेलिया के टाउनविले में 3 जुलाई, 1971 को जूलियन असांजे जन्म हुआ था.

उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न से फिजिक्स और मैथ्स में डिग्री हासिल की.

असांजे कंप्यूटर प्रोग्रामर और सॉफ्टवेयर डिवेलपर के अलावा हैकिंग में भी माहिर रहे हैं.

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